आदतें

 आदतें भी अज़ीब  होती हैं ,

बिना किसी रिश्ते के, ताउम्र को हमदम हो  जाती हैं !

कभी वो जाती नहीं , तो कभी जाते जाते जातीं हैं 

आदतें भी अज़ीब  होती हैं ,

न जाने कब आदत बन जाती हैं !

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